कोई आपको अरबपति तो नहीं बना रहा

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ऐसे मेल से बचनाबच के रहिए इंटरनेट के जरिए ठगी से : देखिए, पढ़िए, किस-किस तरह के आते हैं फर्जी मेल : आपको अगर इंटरनेट से प्यार है तो यह अच्छी बात है। ज्ञान के इस सागर में आप जितना अवगाहन कर सकें. इससे ज्ञान के जितने मोती चुन सकें वह और भी उत्तम है। अगर आप इसकी गंदगी से बच कर इसके उपयोगी अंश को देखते-पढ़ते हैं तो आप अपने ज्ञान की वृद्धि कर रहे होते हैं। आपका पैर तनिक फिसला नहीं कि आप इसकी गंदगी में धंस जायेगे और वहां जो पायेंगे उसमें ज्ञान तो कहीं होगा नहीं, बस आपके समय की बरबादी ही होगी। ऐसी साइट्स जुगुप्सा जगाने, विकृति फैलाने के अलावा और कुछ नहीं कर सकतीं।  यह तो रही इंटरनेट के अपार संसार के भले-बुरे की बात अब जरा इसके एक और खराब पक्ष की भी सुनते चलिए। आजकल अक्सर आपको ऐसे मेल आते होंगे कि आपने याहू की प्रोमोशन लाटरी जीत ली है। इस लाटरी में लाखों डालर आपके होने को बेताब हैं। बस आपकी ओर से पहल की देर है और आप करोड़पति यहां तक कि अरबपति भी पलक झपकते हो जायेंगे और वह भी बिना कोई श्रम किये।

बस आपको अपना एक बैंक एकाउंट खोलना है और मेल में बताये निर्देश के मुताबिक चलना है और आपको रंक से राजा बनने में देर नहीं लगेगी। या फिर ऐसा मेल आयेगा कि कोई विधवा है जिसका पति किसी बड़ी कंपनी का डाइरेक्टर था और वह अरबों की संपत्ति छोड़ गया है जो वह महिला आपको सौंपना चाहती है। इस मेल में भी एक बैंक एकाउंट खोलने की बात होती है जिसमें वह अपना सारा धन आपके नाम ट्रासफर कर देगी। या फिर कोई जवान लड़की आप पर इतनी मेहरबान हो जायेगी कि मेल कर के बतायेगी कि पूरी दूनिया में आप ही एक ऐसे हैं जो उसके लिए बने हैं । इसे रंग, देश जाति, धर्म से कोई मतलब नहीं बस आप जो भी हों उसके लिए बने हैं। वह लड़की आपको आफर देती है कि आप उसके मेल का जवाब दें तो वह अपनी फोटो भेजेगी और संबंधों का सिलसिला आगे बढ़ेंगा।

 आगे बढ़ने से पहले यह बताते चलें कि यह सब इंटरनेट के माध्यम से धड़ल्ले से हो रही ठगी के नमूने हैं। जो इसके बारे में जानते हैं वे ऐसे मेल को पढे़ बगैर डिलिट कर देते हैं और जो झांसे में आ गये वे लुट जाते हैं या कहें लूट लिये जाते हैं। इसमें लूट कुछ इस तरह होती है। पहले आपको करोड़ों डालर देने का लोभ दिखाया जाता है। फिर आपसे अनुरोध किया जाता है कि आप भारत में या आप जिस भी देश के हों वहां पर आप एक एकाउंट खोल लीजिए और उसका नंबर मेल भेजने वाले को भेज दीजिए। उसके कुछ दिन बाद दसरा मेल आयेगा कि यहां (मेल भेजने वाले के यहां) एकाउंट की प्रोसेसिंग होनी है जिसका शुल्क (कुछ हजार रुपये) आप भेज दें तो रुपये आपके एकाउंट में ट्रांसफर होने में आसानी होगी। आपने पहली बार रुपये भेज दिये तो बस समझिए कि उन्होंने अपने शिकार को फंसा लिया। फिर वह उससे लाखों रुपये चूस लेंगे और उसके हाथ एक पैसा भी नहीं आयेगा। अपने देश में कई लोग इस तरह ठगे गये हैं। नाम याद नहीं चंड़ीगढ़ में किसी शख्स ने ऐसे भी विदेशी रुपयों की लालच में लाखों रुपये गंवा दिये थे वह भी कर्ज लेकर लेकिन उसके हाथ एक पैसा भी नहीं  लगा। हार कर उसने पुलिस से शिकायत की लेकिन इससे भी बात नहीं बनी। अक्सर ऐसी कंपनियां या व्यक्ति और उनके पते फर्जी होते हैं। इसका पता इस बात से लगता है कि अक्सर इनके मेल की भाषा एक जैसी होती है।

  एक पत्रकार बंधु दक्षिण अफ्रीका की एक ऐसी युवती के झांसे में आते-आते बचे थे जो अपनी करुण कहानी सुना कर उनकी दिल में समाने की करीब-करीब सफल कोशिश कर चुकी थी। उसने बताया था कि वह अनाथ है, पिता मरते वक्त करोड़ों की संपत्ति छोड़ गये हैं। अगर वह पत्रकार बंधु उससे शादी के लिए राजी हो जायें तो वह अपनी सारी संपत्ति उनके बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर भारत चली आयेगी। उसने अपना न सिर्फ फोटो भेजा बल्कि फोन नंबर तक दे दिया और बातें भी करती थी। यह और बात है कि फोन पर आवाज वाली लड़की और मेल भेजने वाली लड़की एक ही थी या फिर यह किसी छल का एक हिस्सा था। खैर पत्रकार बंधु को कुछ लोगों ने समझाया कि ठगी के इस जाल में न फंसें और वे बच गये। लेकिन कितने लोग बच पाते होंगे। पैसे का लालच इतना बुरा है कि इसके फेर में व्यक्ति अपना विवेक खो बैठता है और ठगा जाता है। जब गच्चा खाता है तो समझ में आता है कि क्या हुआ। इंटरनेट में इस तरह के फर्जी मेल से लूट और ठगी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। कभी आपको याहू की लाटरी मिल रही होती है तो कभी गूगल की। मेरे पास भी कई ऐसे मेल आये। मैं अक्सर ऐसे मेल डिलिट कर देता हूं लेकिन जब अक्सर ऐसे मेल आने लगे तो सोचा इसकी सत्यता जांची जाये और लोगों को इस ठगी के प्रति आगाह किया जाये। याहू प्रोमोशन लाटरी और गूगल या जी मेल की लाटरी के बारे में जितने भी सर्च इंजनों से हकीकत जाननी चाही वहां से यही पता चला कि ईनाम का यह मेल नकली है। गूगल, जीमेल या याहू की ऐसी कोई योजना नहीं है।

यहां मैं ऐसे कुछ मेल के नमूने दे रहा हूं ताकि लोगों को यह पता चल सके कि ठगने के लिए कितनी चतुराई से ये ललचाने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं। किसी श्रीमती सिंथिया ने एक मेल मेरे नाम भेजा है जिसका सारांश कुछ इस तरह है-

मेरे प्यारे!

मैं हूं श्रीमती सिंथिया अब्दुल। मैं विधवा हूं। मेरे पति मृत्यु के पहले तक कोकोआ एक्सपोर्टिंग कंपनी के निदेशक पद पर काम करते थे। देश (जिसका नाम बुरकिना फासो बताया गया है) में उन्होंने अपने एकाउंट में 80,0000000 डालर जमा किये थे । अब मैं वह रुपया मैं आपके एकाउंट में या आप जिस भी सुरक्षित जगह में चाहें ट्रांसफर करना चाहती हूं। मैं आपके देश में आपके साथ साझा निवेश करना. चाहती हूं। .......

ऐसे मेल से बचना

एक मेल किसी लिजियापई का आया है जिसने अपना ईमेल एड्रेस भेजा है और साथ ही यह भी बताया है कि वह एक सुंदर युवती है। मेरा प्रोफाइल उसने कहीं देखा है और पता नहीं मैं इसे अपना सौभाग्य कहूं या दुर्भाग्य कि वह लिखती है कि पूरी दुनिया में मेरा खूसट (यह मेरी अपनी राय है, उसकी नहीं) चेहरा उसे बहुत भा गया है और हम दोनों की जोड़ी खूब जमेगी। उसने कहा है कि मुझे मेल करो मैं अपना फोटो तुमको भेजना चाहती हूं। अपने बारे में कुछ और बताना चाहती हूं।

ऐसे ही कई और मेल आये हैं जिनमें लगभग इसी तरह की बाते हैं और आखिरी पंक्ति में यह भी कहा गया है कोई जाति हो, कोई रंग हो. कोई धर्म हो परवाह नहीं बस आप मुझे अच्छे लगने लगे।

अब बुरकिना फासो का ही कोई एक बैंक है कोरिस बैंक इंटरनेशनल। इसको किसी बिल एंड एक्सचेंज मैनेजर जनाब अदम इब्राहिम नाम के शख्स ने मेल किया है कि- एक अजनबी से पत्र पाकर आप हतप्रभ हो गये होंगे लेकिन यह खत मैंने परेशानी में लिखा है और जो हालात हैं उनके चलते मैं ऐसा करने को मजबूर हआ हूं। बैंक के आडिट के दौरान पता चला कि 9.5 मिलियन डालर की राशि एक ऐसे एकाउंट में पड़ी है जो डारमैट हो चुका है। खाताधारक के बारे में खोज की लेकिन पता चला कि वह और उसके सारे नाते रिश्तेदार मर चुके हैं। ( देखिए क्या संयोग है कि मिलियन डालर का कोई वारिस नहीं बचा) अब मैं चाहता हूं कि उस धनी व्यक्ति के आप रिश्तेदार बन कर धन का दावा करें। आपके एकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर दिया जायेगा जिसमें से कुछ अनाथालय को दान कर दिया जायेगा।(यानी एमोशनल फ्राड। आपको ठगी के जाल में फंसाने का पक्का बंदोबस्त ।) कोरिस बैंक का इस तरह का मेल भी जाली पाया गया। ठगी के इस जाल में जो फंसता है वह कहीं का नहीं रहता। नेट में पोर्न साइट और इस तरह की लाटरी या शादी के झांसे वाले मेल एक तरह से ड्रग की लत की तरह हैं। जो इसमें फंसा वह इसके दलदल में गहरे धंसता जाता है और अपना वक्त, धन और एक हद तक सेहत भी गंवाता है।

मेरे पास इसी तरह का40 लाख डालर की यूके लाटरी और याहू लाटरी प्रोमोशन के ईनाम का भी मेल आया है। नेट में सर्च करने पर यह भी जाली पाये गये। याहू प्रोमोशन लाटरी में तो बाकायादा फार्म भी साथ भेजा गया है जो भर कर भेजना है। इस तरह के जितने भी पुरस्कार बताये जाते हैं सब फर्जी और एक तरह से चारा फेंक कर चिड़िया जाल में फंसाने की जुगत होते हैं।

जब भी ऐसा मेल मिले पहले ठंडे दिमाग से , धैर्य से यह सोचिए कि आपमें कौन से सुर्खाब के पर लगे हैं कि हजारों किलोमीटर, सात समंदर पार बैठा व्यक्ति (अगर वह कोई है भी तो) आप पर इतना कृपालु हो गया कि अपना सब कुछ आप पर लुटा देना चाहता है। करोड़ो अरबों की राशि देख ललचाइए मत अपने अंदर विचार मंथन कीजिए कि आपने कौन सा तीर मारा है कि यह धन कोई आपको देगा। जाहिर ऐसा हर मंथन आपको इस निष्कर्ष तक ले जायेगा कि यह धन अगर कहीं है भी ( हालांकि यह खयाली पुलाव होता है) तो इस पर आपका क्या और क्यों हक है। आप पायेंगे कि आप ऐसे मेल से सावधान रहेंगे। आप अच्छी साइट्स देखिए, ज्ञान के इस भंडार के कीचड़ में मत फंसिए,इसके मोती चुनिए और अपने मित्रों को भी इंटरनेट की इस ठगी के राजेश त्रिपाठीप्रति सावधान कीजिए। सचेत होइए औरों को सचेत कीजिए।


लेखक राजेश त्रिपाठी कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार हैं और तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। इन दिनों हिंदी दैनिक सन्मार्ग में कार्यरत हैं। राजेश से संपर्क  This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it   के जरिए कर सकते हैं। वे ब्लागर भी हैं और अपने ब्लाग में समसामयिक विषयों पर अक्सर लिखते रहते हैं।


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