राजेंद्र यादव की नजर में अमिताभ फासिस्ट!

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राजेंद्र यादवराजेंद्र यादव ने अमिताभ बच्चन के लिए 'फासिस्ट' शब्द का इस्तेमाल तो नहीं किया है लेकिन उन्होंने जो कुछ कहा है, उसका लब्बोलुवाब किसी एक शब्द में फिट बैठता है तो वह यही शब्द है. राजेंद्र यादव नाराज हैं अमिताभ बच्चन और नरेंद्र मोदी की नजदीकी से. राजेंद्र यादव का साफ कहना है कि नरेंद्र मोदी के साथ खड़े होने का मतलब है उनके विचारों के साथ होना. दुनिया को पता है कि नरेंद्र मोदी की विचारधारा क्या है. पैसे के चक्कर में अमिताभ बच्चन ने बे-पेंदी के लोटे की तरह नेता और पार्टी बदलने का जो सिलसिला शुरू किया है, वह अब खतरनाक चरण में पहुंच चुका है. वे नरेंद्र मोदी के समर्थन में खड़े हो गए हैं. उस नरेंद्र मोदी के समर्थन में जिसका वश चले तो धर्म के नाम पर लाखों-करोड़ों लोगों का कत्ल करा डाले. खफा राजेंद्र यादव 15 फरवरी को दिल्ली में एक न्यूज चैनल के पुरस्कार वितरण समारोह में इसलिए नहीं शामिल हो रहे हैं क्योंकि उस समारोह में पुरस्कार उसी अमिताभ के हाथों दिया जाने वाला है, जो नरेंद्र मोदी से मिल चुका है. राजेंद्र यादव की नाराजगी से संबंधित एक खबर आज जनसत्ता में प्रकाशित हुई है. राकेश तिवारी की इस खबर को हम यहां प्रकाशित कर रहे हैं ताकि पूरे विवाद को समझा जा सके. -यशवंत


सीएनएन-आईबीएन के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे राजेंद्र यादव

राकेश तिवारी

नई दिल्ली, 12 फरवरी। नई कहानी आंदोलन के प्रमुख स्तंभ राजेंद्र यादव बालीवुड के सबसे ऊंचे स्तंभ अमिताभ बच्चन से नाराज हैं। इसलिए वे 15 फरवरी को टीवी-18 समूह से समाचार चैनल सीएनएन-आईबीएन के 'सिटिजन जर्नलिस्ट एवार्ड' समारोह में शामिल नहीं होंगे। समारोह में पुरस्कार विजेताओं को अमिताभ बच्चन के हाथों पुरस्कार दिया जाना है। पुरस्कार की ज्यूरी के सदस्य राजेंद्र यादव इसलिए समारोह में शामिल नहीं होंगे क्योंकि, बकौल राजेंद्र यादव, 'अमिताभ बच्चन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के गले मिल रहें हैं'। राजेंद्र यादव को इस पर सख्त एतराज है।

टीवी-18 समूह की ओर से 15 फरवरी को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में 'सिटिजन जर्नलिस्ट एवार्ड' दिए जाने हैं। वर्ष 2008 में शुरू हुए इन पुरस्कारों का यह दूसरा साल है। छह विभिन्न श्रेणियों में ये पुरस्कार उन नागरिकों को दिए जाते हैं जो सामाजिक बुराइयों को सामने लाने का काम करते हैं। पुरस्कार पर अंतिम फैसला करने के लिए बनी ज्यूरी में किरन बेदी, रंजना कुमारी, अनिरुद्ध बहल, नीलम कटारा और अरविंद केजरीवाल के अलावा राजेंद्र यादव भी शामिल थे।

राजेंद्र यादव ने 'जनसत्ता' से कहा कि इन पुरस्कारों का उद्देश्य बेहतरीन है। लेकिन जो अमिताभ बच्चन नरेंद्र मोदी के गले मिल रहे हैं, और गुजरात का ब्रांड अंबेसडर बनने जा रहे हैं, उनके हाथों ऐसे बेहतरीन उद्देश्य के लिए दिए जाने वाले पुरस्कार नहीं बंटने चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले की स्थिति अलग थी। तब उन्हें अमिताभ के हाथों पुरस्कार दिए जाने में कोई आपत्ति न होती क्योंकि तब अमिताभ बच्चन की नरेंद्र मोदी से मुलाकात नहीं हुई थी।

अभी जनवरी के पहले पखवाड़े में अमिताभ बच्चन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपनी फिल्म 'पा' की विशेष स्क्रीनिंग के सिलसिले में गांधीनगर गए थे। वहां अमिताभ के साथ मोदी ने 'पा' देखी और बाद में नरेंद्र मोदी की पेशकश पर उन्होंने गुजरात का ब्रांड अंबेसडर बनना स्वीकार किया। अमिताभ इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में उत्तर प्रदेश के ब्रांड अंबेसडर रह चुके हैं। हालांकि अमिताभ ने इस सारे घटनाक्रम के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य होने से इनकार करते हुए कहा था कि वे गुजरात के विकास से प्रभावित हैं। लेकिन राजेंद्र यादव का कहना है, 'पहले अमिताभ राजनीति में नहीं थे, लेकिन मोदी के साथ होने का मतलब ही राजनीति है। मोदी के साथ होने का मतलब उनके विचारों के साथ होना है।'


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Comments (20)Add Comment
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written by sunil , February 22, 2010
hi, mera nam sunil hai, pehli bar bhadas par likh raha hun, upar chal rahe vakyuddh me na padkar main yeh kahna chahunga ki amitabh bhale hi bahut bade star ho, lekin unhone apne samajik jeevan me hamesha vivadit kadam uthaye hain, jaise mulayam ke samarthan me jurm yaha kam hai, kyoki UP me dam jaisa khokhla vaky unhone keval apne rishto ke adhar par vigyapno me kaha jabki hakikat sabhi jante hain, iske bad raj thakrey se vivad me jis tarah apni filmo ko bachane ke liye amitabh ne ghutne teke vah vakai sharmnak tha, is mamle me unhe SRK se sikh leni chahiye jinhone Bal thakre ki dhamki ke aage apni 100 karod ki film ki bhi chinta nahi ki, Aur Ab amitabhji ja pahuche modi ke pas, amitabh to poore desh ke brand ambassador banane ki kabiliyat rakhte hain, phir unhe rajyo ke chakkar me kyo pade hain, kal ko raj thakre phir maharashtra ke bajay guj ka ambassador banne ke liye unhe galiyan denge, kya unhe vivad acche lagte hain ? anth me yahi kahna chahunga ki Big B bhale hi bade star hain parantu samajik jeevan me ve utni jimmedari nahi dikha pate jitni filmo me.
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written by vijay, February 16, 2010
its ok hanuman ji, u are right i m not going to comment anymore as i know there are many issues and problems to discuss and comment...this is for singh ji too, sorry if i have hurt his thinkings and knowledge...but every one has right to comment and it should not be connected to a group or caste...........bye
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written by Hanuman Mishrra, February 16, 2010
थैंक्स विजय भाई ! आपने जबाब दिया। मेरा उद्देश्य आपको दुःख पहुचने का नहीं था मेरे भाई! मेरा उद्देश्य सिर्फ इतना था की आप और सिंह साहब के बीच जो लेखन युद्ध चल रहा है वो ज्यादा उग्र न हो । बहुत सारे लोग इन सभी कमेंट्स को पढ़ते हैं उनमे से बहुत सारे लोग जातिवादिता के बहाव में बह जाने वाले होते हैं तुलसी दास जी ने कहा है " सबसे कठिन जाति अपमाना" इसलिए कहीं आप दोनों के इस युद्ध में बहुत सारे लोग सामिल होकर आक्रोशित न हों इसका ध्यान रखे और बिना जाती सूचक शब्दों का प्रयोग किये, लेखन युद्ध जारी रखें । सिंह साहब एक सुलझे हुए पत्रकार हैं उनके पास बहुत बड़ा शब्दकोष है। यादव जी भी बड़े प्रबुद्ध व्यक्ति है। अमिताभ जी तो ऐसी शख्शियत हैं जिन पर समूचे देश को गर्व होना चाहिए। किसी जमाने में नेता जी,अमिताभ जी और अमर सिंह जी एक ही थाली में खाना खाने वाले दोस्त हुआ करते थे। कुछ विसंगतियां आयीं और सारे फूल बिखर गए हैं। चिंता न करें फिर समय बदलेगा, कोई माली आएगा फूलों को समेटेगा और माला बना देगा। मेरा तो बस एक ही निवेदन है, एक दूसरे पर शब्दों के बाण न चलाये हो सके तो समय और विवेक का सदुपयोग करते हुए देश की एकता और अखंडता के बारे में सोचें। अगर आप दोनों मे से किसी को भी मेरे शब्दों ने आहात किया हो तो मैं क्षमा मांगते हुए अपने शब्दों को वापस देता हूँ।

धन्यबाद
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written by vijay, February 15, 2010
hanuman ji,

waise, jaisa aapne lilkha hai ki rajendra ji ko hi jawab dena chahiye to yahi kahunga ki amitabh ko hi jawab dena chahiye tha na ki singh ko...tc bye
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written by vijay, February 15, 2010
To hanuman mishra ji,

aapka comment achha laga, lekin aisa laga aapne achhi likhi bhasa ki taarif ki ho waise bhasa ke piche ke arthon ko bhi aapne jaroor samjha hoga...aapka sujhav dono ke liye hota to achha lagta....neta bhi usi tarah ki bhasa istemaal karte hain....khair chaliye bas itna kahunga ki in sabke pichhe ham hi jimmedar hain jo jawab nahin dete....thanks..bye...
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written by vijay, February 15, 2010

singh,

aap padhte ho aur patrakar bhi ho...jaisa aapne likha hai...lekin rajendra ji ke baaare mein jaante hain ya nahin ye nahin kah sakta....raha sawal dukhti nas par hath rakhne ka to wo aapke comment se hi pata lag gaya tha..bas yakin karna chahta tha, ho gaya......... likhne ke pichhe ki mansa jahir ho gayi...kya joda hai aapne rajendra ji ke bade bhaiya par kiye gaye comment ko amar singh ke angle se wah.... ab kisi ko apna vichar vyakt karne se pahle chautarfa sochna chahiye khaskar....achha laga aapka jawab
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written by Hanuman Mishrra, February 15, 2010
राजेंद्र यादव जी ने जो कुछ कहा वो उनके अपने विचार है, हर एक की अपनी विचारधारा है। सिंह साहब ने जो विचार व्यक्त किये वो पत्रकारिता की भाषा है। उनके विचारों से उनकी परिपक्वता साफ झलकती है। राजेंद्र यादव जी को उन्होंने जो सुझाव दिए उन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करना राजेंद्र यादव जी का काम है, विजय जी आप खामखां परेशान हो रहे है। लोग मोदी जी को हिन्दू- मुस्लिम एकता का विरोधी कहते है, सत्यता या असत्यता का निर्णय बहुत बड़ी बहस का मुद्दा है परन्तु विजय जी आपने तो अपने कमेन्ट के माध्यम से कमाल ही कर दिया। आपने तो देश को धर्मं ही नहीं जाति के आधार पर बाँट दिया। ब्राह्मन, ठाकुर और यादव जैसे शब्दों का प्रयोग कम से कम आपको नहीं करना चाहिए। ये काम आप नेताओ पर छोड़ दे, ये मुद्दा उनका है। जाति धर्म का मुद्दा उठाकर वो किसी कदर वोट इकट्ठा करते हैं अगर ये मुद्दा आपने उठाना शुरू कर दिया तो उनका क्या होगा। हम सबको चाहिए कि एक दूसरे की टांग खीचनें के बजाय देश और समाज के हित के बारे में सोचे और उचित कदम उठायें।
singh sahab ke jawab mein
written by anjule shyam maury, February 15, 2010
सिंह साहब ने जो भी आरोप राजेंद्र यादव पे लगाया है वों पूरी तरह से गलत है.राजेंद्र यादव के बारे में शायद वे पूरी तरह से वाकिफ नहीं हैं वरना वे एसे इल्जाम नहीं लगते.राजेंद्र बनाम अमिताभ के बारे में जानना है तो..साल भर पहले हंश में प्रकाशित अमिताभ और राजेंद्र जी के पत्रों पे एक नज़र उन्हें दल लेनी चाहिए.राजेन्द्र यादव जसा शख्स कभी भी मुलायम जसे नेतावों कि परबीनहीं करेगा..कुछ भी कमेंट्स करने से पहले उस आदमीं के बारे में जन लेना बेहतर होगा सिंह साहब...कॉमेंट्स करने के लिए तो मैं भी ये लिख सकता हूँ कि आपने अमर सिंह कि वजह से जातिवाद से प्रेरित हो कर कमेंट्स किया है.मगर उम्मीद है आपके कमेन्ट के पीछे ये भावना ना रही हो....
vijay
written by singh , February 15, 2010
bhai vijay lagta hai maine aap ki dukhti rag par haat rakh diya hai . aap v yadav he hain muje pata lag gaya hai. sayad tum padhte nahi ho pahle padho phir comments do bhai .mulayam ki jawani padh lo uska rajnatik safrnama dekho pta chal jayega kitana bada samjwadi hai .agar wo jatiwadi nahi hota to bhai ek he ghar me he party k sare pad nahi hote .rahi amar singh ki baat to avi yar patrakarita se fursat he nahi milti to pravakta kahan se banuga .yadavon ka aap pravakta jaroor ban gaye hain .achii baat hain gage raho munna bahi mbbs .
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written by k, February 14, 2010
बिग बी बहुत छोटा होकर पा बन गया है।
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written by ibrastogi, February 14, 2010
khud rajendra yadav se bada fasist kun haijo apani aankhe bhi hamesha kalechshme me chhipa kar rakhata ho ki kahi usaki aankhe usaki kalayee na khol de
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written by vijay, February 13, 2010
aksar aisa hota hai ki log yadavon ke liye fat se jatvadi kah dete hain, lekin agar koi pandit ya thakur kisi pandit thakur ke sath ho uske liye jativadi hona nahin kaha jata......is mansikta ko chhodo aur apne girevan mein jhanko singh Rajendra ji to kuch hain lekin tumhen amar singh jaroor pravakta bana lega......


comment karne se pahle soch jaroor 'kiyunki tumhare andar baitha amar ka dard saf jhalak raha hai'
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written by vijay, February 13, 2010
koi pandit ya thakur kisi pandit ya thakur ke sath ho to uski panditayi ya thakurai nahin dekhi jati keval yadavon ke liye ye kahna galat hai...............upar likhne wale lagata hai tumhe amar singh ka dard sata raha hai, jo aakhir dam tak kahta raha ki samajwadi party nahin chorunga aur dakke ke bad nikla to ab behan jee yad aa rahi hain..........khair uske sath kuch thakuure vidhayak gaye hain tumahre liye bhi achha mauka hai..........lekin kisi pe ungli uthane se pehle apne girevan mein jhanko jaroor.............this was for the commentar with name 'singh'
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written by pankaj awasthi, February 13, 2010
Lagta hai secular hone ka certificate dena ka patent akele Rajendra yadav ke paas hai tabhi to wo bina mange hi amitabh ko sampradayik kahne par tul gaye hai. unke vichar padhkar to yahi lagta hai ki nuhone apna mansik santulan kho diya hai. asal me rajendra yadav ko ab koi pooch nahi raha isliye unka amitabh ya narendra modi ko bura-bhala kahna unka publicity stunt hai. bhagwan rajendra yadav ko sadbuddhi de.
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written by radheshyam Tewai, February 13, 2010
Oh my God,what is citizen Journalist? have you ever seen a Journalist who is not citizen of the country? Have employees of the CNNIBN surrendered their citizenship ? If not, then what is this citizen journalist? As a matter of fact western news papers which were on the verge of closure, stoped recruiting full timers and cultivated a new idea of "citizen Journalist" so save regular salaries/ other allowances.Since English Journalists are in habit of copying the west without applying their own minds, they coin such rediculous thing like what IBNCNN doing.ha ha ha ha .....It means economically CNN and IBN, some where is not happy and wants to relay only on the freelance journalists. Interesting, why are they shy of saying them' freelace? Desh ko kitna murkh banate hain ye Seth log? To drw the attention of the advertisers and financers they are doing it in a positive way what thakreys do in negative way.
As regards Respectable Rajendra Yadav, he is too old to think some thing some thing new. It is right time for him to grumble against any body whom he does not like and telling him Fastist,Marxist, COMMUNIST. There is no point of reacting on what the respectable Senior citizen of the country says .
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written by ali raj, February 13, 2010
rajendra ji ki aapatii jaayaj hai . amitabh bachchan agar narendra modi ke saath khade hain to unhe is baat ko accept karna chahiye ki vo modi ki rajniti ka samarthan karte hai.aur godhra kand jaayaj tha .
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written by snigdha awatans, February 13, 2010
adarniya rajendra ji,
amitabh bachhan ek bahut bade kaklakar hai. kalakar jaati, dharm, rajanit aur sampradaya ka dayara se uthkar sochta hai aur kucch karta hai. amitabh bachhan ne narendra modi se mulakat ki to yeh kahan sabit hota hai ki wey unke rajnitee kadamo ke pichhe chale lage. aapne khud ko chacha me banaya rakhne ke liya ek teer chhode he diya.
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written by amrendrakumar, February 13, 2010
rajendraji, kisi party ka koi neta ho, usase koi kalakar gairrajneetik mulakat kare to ismen harj kya hai? Iska yah matalab katai nahin hai ki wah uske vicharon men bhi shamil hai!
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written by tarun sharma, February 13, 2010
rajendra ji,
congrase ne bhi sikkho ka khun bahaya hai to unse bhi sare pureskar nahi lene chahinye aur samprdayik hone ke do maap dand nahi ho sakte gujrat me jo hua wo galat tha uske leye modi galat hain hum mante hain punjab me jo hua sikkho ke saath jo hua wo galat nahi tha kya pls do not take any doharapan.
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written by singh , February 13, 2010
लगता है राजेंद्र यादव जी आप समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता हो गए हैं !अच्छा है एक कहानीकार अब जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त होकर एक पार्टी का बोल बोल रहा है बोलना भी चाहिए उधर मुलायम सिंह यादव आप भी स्वजातीय राजेंद्र यादव ! आप को तो पता है मुलायम पहले जाति की राजनीती करते थे अब परिवार की राजनीती करते हैं तो आप जसे महान लोग उनके सुर में सुर मिलायेंगे तो काफी अच्छा सन्देश जायेगा साथ में परिवार वाद का आरोप भी घटेगा !आप दोनों लोग मिल कर यादवो को संगठित करने में सफल होंगे !'अमिताभ बच्चन का नरेंद्र मोदी के गले मिलना आपके नेता जी को भी ठीक नहीं लग रहा है !लगता है कि समाजवादी पार्टी ने 'अमिताभ बच्चन को गिरवी रख लिया था ! कि वो और कही भी जाये तो नेताजी से पूछकर यही कहते हैं आप !भैया लोकतंत्र है सबको अधिकार है कही भी जाकर अपना काम कर सकता है ! राजेंद्र जी आप तो राज ठाकरे कि भासा बोल रहे हैं ! राजनीती में नरेन्द्र मोदी जैसा वर्त्तमान में कोई एक मुख्यमंत्री का नाम बतईये जो गुजरात की तरह विकास किया हो ! आप जसे लोग भी अगर लकीर पर लाठी पिटे तो भैया भगवान ही मालिक है ! कि इस देश के बुधिजीविओं का आकलन भी जातिवादी और पार्टी से प्रेरित हो तो आम लोगों कि सोच क्या होगी ?

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