दो अखबारों ने ई-पेपर लांच किया

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अमर उजाला का ई-पेपर कई मामलों में दैनिक जागरण के ई-पेपर से बेहतर : आज समाज के ई-पेपर से दिल्ली एडिशन गायब : दो अखबारों ने अपना-अपना ई-पेपर शुरू कर दिया है. ये हैं अमर उजाला और आज समाज.

अमर उजाला के ई-पेपर की प्रतीक्षा काफी दिनों से की जा रही थी. अमर उजाला के ई-पेपर को पढ़ने-देखने के लिए सदस्य बनने की शर्त रखी गई है.  सदस्य बनने के बाद ई-पेपर के लिए लागिन करने पर अमर उजाला के विभिन्न प्रिंटिंग सेंटरों के डाक संस्करणों के भी अखबार देखने को मिलते हैं. यह सुविधा दैनिक जागरण के ई-पेपर में भी नहीं है. हालांकि जागरण के ई-पेपर की एक खासियत बिना सदस्य बने इसे एसेस कर पाना है. जो लोग दैनिक जागरण के ई-पेपर के इस्तेमाल के आदी हैं, उन्हें अमर उजाला के ई-पेपर में कई खासियत देखने को मिलेगी.

कहा जा सकता है कि अमर उजाला ने अपने ई-पेपर को यूं ही नहीं लांच कर दिया है बल्कि इस पर ठीकठाक होमवर्क कराने के बाद मूर्त रूप दिया है. उधर, आज समाज के चंडीगढ़-अंबाला संस्करण को ई-पेपर के जरिए दुनिया के सामने ला दिया गया है. पर आज समाज के ई-पेपर में दिल्ली एडिशन आश्चर्यजनक रूप से नहीं है. आज समाज के दिल्ली एडिशन के साथ यह पक्षपात क्यों है, इसे आज समाज के लोग ही बता सकते हैं.

दोनों अखबारों के ई-पेपर तक पहुंचने के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं...


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Comments (6)Add Comment
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written by Rajeev Gwalior, May 06, 2010
अमर उजाल ईपेपर काफी समय से है। टीम का ध्‍यान देरी से गया है।
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written by आंशु श्रीवास्तव, लखनऊ, March 30, 2010
अमर उजाला का ई पेपर काफी देर से खुलता है। एेसा लगता है कि जैसे इसे डेंसिटी मोड में अपलोड किया गया हो। मैं श्री राजुल माहेश्वरी जी से अनुरोध करूंगा कि वो अपने आईटी सेक्शन से कहें कि इसमें अभी सुधार की काफी गुंजाइश है। साथ ही मैं यह भी कहना चाहूंगा कि वो इस पेपर को मोबाइल की स्पीड के अनुसार डिजाइन करें, ताकि वो किसी भी जीएसएम मोबाइल की स्पीड को सपोर्ट कर सके।
आपका एक नियमित पाठक
आंशु श्रीवास्तव, लखनऊ
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written by dharmind, March 29, 2010
भाई साहब अमर उजाल का ईपेपर काफी समय से आपकी टीम का ध्‍यान देरी से गया है। मैं खुद दो तीन महीने पहले से इसका यूजर हूं।
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written by ashutosh anat, March 28, 2010
AAJ SAMAJ se kaphi ummiden hain. is nai yojana se bahar ke pathakon ko suvidha hogi.
ashutosh anat.
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written by jaatak, March 28, 2010
"दो अखबारों ने अपना-अपना ई-पेपर शुरू कर दिया है. ये हैं अमर उजाला...."
अमर उजाला का e-पेपर मैं ३ मार्च से पढ़ रहा हूँ. अर्थात ये ३ मार्च से पहले शुरू हुआ होगा, फिर आज ये कहने का क्या मतलब .
अमर उजाला e-पेपर में एक समस्या ये है की जब भी किसी न्यूज़ आइटम पर क्लिक करते है तो जो विंडो खुलती है उसमें वर्तनी की अशुद्धियाँ बहुत होती है.....the arrangement of by-lines and main news gets distorted. the quality of pictures in the open window is very poor, most of the time they are blurred. Hope amar ujala will improve soon....
amar ujala e-paper was a gr8 help to me during bareilly riots wen i use to log in early in the morning to get news ...wut happened in the city the previous day.....
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written by somveer sharma, March 28, 2010
very good
aaj samaj

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