भास्कर और आईबीएन ''खबर-चोर'' हैं : नभाटा

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नभाटा डॉट कॉम वालों ने मूर्ख दिवस के दिन प्रतिद्वंद्वी पोर्टलों की चोरी पकड़ी : नवभारत टाइम्स डॉट कॉम वालों ने आज मूर्ख दिवस के दिन भास्कर डॉट कॉम, दैट्स हिंदी डॉट कॉम और आईबीएन खबर डॉट कॉम वालों की चोरी पकड़ ली और इनकी चोरी के सुबूत को पोर्टल पर प्रकाशित करा दिया है.

नभाटा वालों का कहना है कि ये लोग आए दिन खबरें चुराते थे. जब इन पोर्टलों के संपादकों को ऐसा करने से मना किया जाता था तो ये कहते थे कि तुम्हारे पास खबरें चोरी किए जाने का प्रूफ क्या है. ऐसे में नभाटा वालों ने ठान लिया कि इन्हें एक दिन चोरी का प्रूफ भी सौंप देना है. इसके लिए दिन तय किया मूर्ख दिवस का. मूर्ख दिवस यानि एक अप्रैल. आज सुबह-सबेरे ही नभाटा वालों ने जाल बिछा दिया. चार ऐसी खबरें अपनी साइट पर डाल दीं जो फर्जी थीं लेकिन लिखी ऐसे गईं थीं जो बिलकुल असली लगें. इन चार खबरों के शीर्षक हैं- 'मोदी होंगे बीजेपी के पीएम कैंडिडेट', 'सास को नहीं पसंद सानिया की स्कर्ट', 'बहू ने खोला मुलायम के खिलाफ मोर्चा' और 'ऐश बनेंगी बॉन्ड गर्ल'.

ये चार खबरें डालने के बाद नभाटा वाले प्रतिद्वंद्वी पोर्टलों पर नजर गड़ाए बैठ गए. थोड़ी ही देर में भास्कर डाट काम, दैट्स हिंदी डाट काम और आईबीएन खबर डाट काम जैसी वेबसाइटों के संपादक-संचालक नभाटा डाट काम के झांसे में आ गए. ये लोग नभाटा डाट काम पर प्रकाशित खबरों को असली मानकर इसे थोड़े हेर-फेर के साथ अपने यहां पब्लिश कराने में जुट गए. कई अन्य वेबसाइटों ने भी यह हरकत की लेकिन नभाटा वालों ने उन्हें 'स्तरीय वेबसाइट' न मानकर उनका नाम देना उचित न समझा.

प्रतिद्वंद्वी साइटों पर अपने यहां की 'मूखर्तापूर्ण' खबरें अवतरित होते ही नभाटा वालों ने प्रतिद्वंद्वी साइटों पर प्रकाशित खबरों का स्क्रीनशाट (तस्वीर) तैयार कराना शुरू कर दिया. प्रतिद्वंद्वी पोर्टलों की चोरी और इससे संबंधित सुबूत को एक अलग आर्टिकल के रूप में प्रकाशन कर दिया. इस आर्टिकल का शीर्षक दिया- ''एप्रिल फूल बनाया तो उनको 'आइडिया' आया''. इस शीर्षक से जाहिर होता है कि नभाटा वालों की दिली इच्छा प्रतिद्वंद्वी पोर्टलों की चोरी को रंगेहाथ पकड़ना था और वे इसमें कामयाब भी रहे. इस खबर में नभाटा की तरफ से जो काफी कुछ कहा गया है, एक अंश इस प्रकार है....


''हमने फूल्स डे का इस्तेमाल दो तरीकों से किया। मनगढ़ंत खबरों के जरिए रीडर्स को गुदगुदाने के साथ ही हम कुछ ‘ खबर चोर ’ साइटों को भी रंगे हाथ पकड़ना चाहते थे। इस मकसद में हम कामयाब भी रहे। उम्मीद है कि आप भी यह पढ़ कर हंस रहे होंगे। चलिए हम आपको बताते हैं कि कौन - कौन सी नकली खबरें आज हमने अपनी साइट पर लगाईं। 

हालांकि, हमने इन खबरों में जानबूझकर तथ्यात्मक गलतियां छोड़ दीं। यह इसलिए किया गया कि समझने वाले समझ जाएं कि ये खबरें  नकली हैं और इसका असलियत से कोई वास्ता नहीं है। लेकिन हमारे ज्यादातर रीडर्स यह नहीं समझ पाए कि ये खबरें मनगढ़ंत हैं। हंसी-मजाक के बीच नकली खबरों की मुहिम से हमें एक और फायदा हुआ। काफी दिनों से हम यह गौर कर रहे थे कि हमारी एक्सक्लूसिव खबरें दूसरी हिंदी न्यूज वेबसाइटों तुरंत कॉपी पेस्ट कर ले रही थीं। हमने इस बारे में उनसे शिकायत भी की। लेकिन यह सिलसिला नहीं रुका। टका-सा जवाब मिलता था कि, आपके पास क्या सबूत है कि हमने आपकी खबर कॉपी की है ?

तो जनाब, आज सबूत भी है और मौका भी। नवभारतटाइम्स.कॉम पर नकली खबरें आने के थोड़ी देर के भीतर ही यह खबरें कई अन्य हिंदी वेबसाइटों पर नजर आने लगीं। मसलन, सानिया की सास वाली खबर। सानिया की होने वाली सास का नाम क्या है, यह तो हमें भी नहीं पता! पाकिस्तान में जंग नाम का अखबार है लेकिन निशान-ए-जंग तो विशुद्ध हमारे पत्रकारों के दिमाग की उपज है।

हिंदी वेबसाइटों तक तो गनीमत थी लेकिन हद तो तब हो गई जब इस खबर के संबंध में हिंदी न्यूज चैनलों से भी हमारे पास फोन आने लगे। वह भी इस खबर का सोर्स जानना चाहते थे। खैर, दिन गया, नकली खबर गई। इन नकली खबरों के जरिए किसी का दिल दुखाना हमारा मकसद नहीं था और किसी को रत्ती भर भी बुरा लगा हो तो उसके लिए हम क्षमा चाहते हैं। नवभारतटाइम्स.कॉम की ओर से आप सबको हैपी फूल्स डे।''


इस पूरे प्रकरण को पढ़ने-जानने के लिए नभाटा डाट काम के इस शीर्षक पर क्लिक करें...

चोरी की खबरें प्रकाशित होने के बाद प्रतिद्वंद्वी वेबसाइटों की ली गई तस्वीर देखने के लिए (तस्वीर में सेलेक्ट किया गया हिस्सा जो दिखे, वही अंश चोरी का है) क्लिक करें-


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