40 हजारी क्लब में शामिल हुआ भड़ास4मीडिया

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तेजी से बढ़ रहा भड़ास4मीडिया का ग्राफ : अभी जश्र मनाने की जरूरत नहीं लेकिन खबर अच्छी है. भारतीय मीडिया इण्डस्ट्रीज की हलचल से वाकिफ कराने वाली बेवसाइट भड़ास4मीडिया दुनियाभर की सभी भाषाओं में संचालित 40 हजार सबसे लोकप्रिय वेबसाइट्स की सूची में शामिल हो गई है. सनद रहे कि दुनिया की 1 लाख सबसे लोकप्रिय वेबसाइट्स की सूची में शामिल होने के लिए हजारों वेबसाइट संचालक होड़तोड़ मेहनत करके डाटा जुटाते हैं.

भड़ास4मीडिया मोस्ट पापुलर एक लाख वेबसाइट्स के क्लब में लगभग 1 साल से शामिल है. 40 हजारी क्लब में शामिल होने की लोकप्रियता का  आंकड़ा भड़ास4मीडिया ने दिसम्बर 09 की शुरुआत में छुआ था. इस बार अप्रैल से भड़ास का जो ग्राफ बढ़ा तो आज 10 मई तक नहीं गिरा और शायद अब गिरने वाला भी नहीं. लोकप्रियता का यह ग्राफ यदि लगातार 6 माह तक तक बना रहा तो आपकी भड़ास कितनी कीमती हो जाएगी, आप इसका अंदाजा नहीं लगा सकते.

विश्व भर की वेबसाइट्स की लोकप्रियता पर लगातार नजर रखने वाले वेबसाइट आउटलुक और अलेक्सा डाट काम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार मीडिया इण्डस्ट्रीज की खबरों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने वाली यह साइट अपने इस अनोखे सेगमेंट में तो नम्बर-1 पर थी ही परंतु अब दुनिया भर की 40 हजार सबसे ज्यादा लोकप्रिय वेबसाइट में शामिल हो गई है.

ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस वेबसाइट को प्रतिदिन औसतन् 20627 वेब कनेक्शन्स पर ओपन किया जाता है एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी मार्केट वेल्यू 46209 यूएस डालर्स अर्थात लगभग 22 लाख भारतीय रुपए हो गई है. यह मूल्य सिर्फ इस आधार पर है कि इसके यूजर कितने हैं, इसका डाटाबेस कितना बड़ा है, इसकी रैंकिंग क्या है. मतलब तकनीकी आधार पर यह मूल्य है. अगर इसमें मीडिया क्षेत्र की नंबर वन वेबसाइट होने का मूल्य जोड़ा जाए तो कीमत करोड़ों रुपये में पहुंच जाएगी.

भड़ास4मीडिया का मेन सर्वर यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के टेक्सास क्षेत्र में स्थापित है एवं दुनिया भर में इसकी कुल पाठक संख्या का 98 प्रतिशत भारत में ही है. भारत देश में संचालित कुल वेबसाइट्स में भड़ास सबसे पसंदीदा 3000 बेवसाइट्स में से एक है. सबसे मजेदार बात तो यह है कि भारत के करीब ढाई हजार किलोमीटर दूर सऊदी अरेबिया के पास बसे एक देश ओमान में भी भड़ास को पढऩे वालों की कमी नहीं है और वहां भी यह 3000 सबसे लोकप्रिय वेबसाइट्स में शामिल है. यह देश मुम्बई से सटे समुद्र के दूसरे तट पर स्थित है अर्थात हमारा समुद्री पड़ोसी भी है. शेष बची दुनिया में भी भड़ास को कभी कभी खोला जाता है लेकिन ऐसे दर्शकों की संख्या भड़ास की कुल दर्शक संख्या का 0.2 प्रतिशत ही है.

भड़ास4मीडिया के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह का इस उपलब्धि पर कहना है कि यह सफलता किसी से संभव नहीं बल्कि यह हिंदी पट्टी के हजारों-लाखों मीडियाकर्मियों के अटूट प्यार व समर्थन का नतीजा है. भड़ास4मीडिया के सफर में ढेरों कष्ट, दुख और तनाव के क्षण भी आए लेकिन इन्हें हम लोगों ने पूरी ईमानदारी के साथ जिया और इससे हाथ मिलाया, तभी हम बिना विवाद आगे बढ़ रहे हैं. यशवंत ने इस मौके पर अपने साथियों-मित्रों संजय तिवारी, राकेश डुमरा, रत्नेश, मनोज, दीपक, एस्सार ग्राफिक्स, आईडीएस लाजिक आदि व्यक्तियों-कंपनियों को याद किया जिनके प्रोत्साहन, मेहनत, लगन के कारण यह सब संभव हो पाया.

लेखक उपदेश अवस्थी हिन्दी दैनिक राज एक्सप्रेस, भोपाल में उपमहाप्रबंधक के पद पर कार्यरत है.


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