यूट्यूब की मंशा खराब नहीं इसलिए दंड नहीं

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गूगल ने जीता कापीराइट उल्लंघन का मामला : पाकिस्तान में नौ प्रमुख वेबसाइटों पर पाबंदी : इंटरनेट की जानी मानी कंपनी गूगल ने अपनी वीडियो साइट यू-ट्यूब पर दायर कॉपीराइट का़नून के उल्लंघन का मुक़दमा जीत लिया है.

अमरीकी मीडिया कंपनी वायकॉम ने मुकदमा दायर कर कहा था कि यू-ट्यूब ने बिना कॉपीराइट के हजारों वीडियो अपलोड रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए इसलिए कंपनी को हर्जाने के रूप में अरबों डॉलर देने चाहिए. लेकिन जज ने फैसला सुनाया कि यू-ट्यूब ने गैरकानूनी वीडियो हटाने में तत्परता बरती है इसलिए उसने कॉपीराइट कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया है.

इसके बाद वायकॉम ने घोषणा की है कि वो इस फैसले के खिलाफ अपील करेगा. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधरों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे इंटरनेट आपसी भागीदारी का माध्यम बना रहेगा. इसके पहले भी यू-ट्यूब और गूगल विवादों में घिरे हैं. हाल में पाकिस्तान सरकार ने यू-ट्यूब पर प्रतिबंध लगा दिया था. पाकिस्तान सरकार का कहना था कि यू-ट्यूब के कई ऐसे पन्ने हैं जिन पर पैग़म्बर मोहम्मद की तस्वीरें हैं. पैग़म्बर मोहम्मद के चित्र बनाना या प्रकाशित करना इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है.

एक अन्य समाचार के अनुसार पाकिस्तान की एक अदालत ने ईश निंदा वाली सामग्री के लिए गूगल और हॉटमेल सहित नौ प्रमुख वेबसाइटों पर बैन लगाने का आदेश दिया है.हालांकि इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि उन्हें वेबसाइटों पर बैन करने संबंधी कोई आदेश नहीं मिला है.

खबरों में कहा गया है कि ईश निंदा वाली सामग्री के प्रकाशन और उसके बढ़ावा देने पर लाहौर हाइकोर्ट की बहावलपुर पीठ ने मंगलवार को पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी को गूगल, याहू, एमएसएन, हॉटमेल, यूट्यूब, बिंग और अमेजन सहित नौ वेबसाइटों को फौरन ब्लॉक करने का आदेश दिया है. जस्टिस मजहर इकबाल सिद्धू ने मोहम्मद सिद्दिकी नामक एक आदमी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है. सिद्दिकी ने कहा था कि ये वेबसाइट ईश निंदा वाली सामग्री प्रकाशित कर रही हैं.


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