वेब पर उपलब्ध हुआ 'राष्ट्रीय सहारा' अखबार

E-mail Print PDF

: ई-पेपर और ई-मैग्जीन लांच : दैनिक जागरण, हिंदुस्तान व अमर उजाला आदि हिंदी समाचार पत्रों के बाद हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा ने भी ई दुनिया से कदमताल करते हुए अपना ई पेपर शुरू कर दिया है. 1 जुलाई का राष्ट्रीय सहारा प्रिंट के साथ ई-पेपर पर भी जारी हुआ है. नोएडा स्थित सहारा इंडिया मीडिया परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय सहारा के 'ई-पेपर' के साथ ही 'ई-मैग्जीन' को सहारा इंडिया मीडिया के एडिटर व न्यूज़ डायरेक्टर उपेन्द्र राय व जनरल मैनेजर अनिल इब्राहिम ने लांच किया.

इसके साथ ही सहारा इंडिया मीडिया ने पत्रकारिता के विभिन्न माध्यमों में अपना दखल और अधिक बढ़ा दिया है. इसे rashtriyasahara.com वेबसाइट पर देखा जा सकता है. saharatime.com वेबसाइट पर अंग्रेजी पत्रिका 'सहारा टीम',  samaylive.com  वेबसाइट पर देश-दुनिया की ताजातरीन ख़बरें हिंदी में और english.samaylive.com वेबसाइट पर अंग्रेज़ी में देखी जा सकती हैं. इसे श्री राय ने सहारा इंडिया मीडिया की आगे की तैयारियों की एक झलक बताते हुए कहा कि आगे सहारा इंडिया मीडिया आधुनिकतम कलेवर के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना खास दखल पेश करेगा. राष्ट्रीय सहारा के ई-पेपर को खासा पसंद किया गया है.

'देर आयद-दुरुस्त आयद'  की तर्ज पर राष्ट्रीय सहारा का ई-पेपर अपने से पहले आये ई-पेपरों से कई मायनों में बेहतर बताया जा रहा है. इसमें पूरे पन्ने को अखबार के वास्तविक स्वरूप में देखने के साथ ही पीडीएफ फार्म में देखने की भी अलग से सुविधा है. साथ ही पसंदीदा ख़बरों को पाठक ई-मेल के साथ ही ट्विटर व फेसबुक पर मित्रों से साझा भी कर सकते हैं. यहां राष्ट्रीय सहारा के साथ सप्ताह के अलग-अलग दिनों में आने वाली मैग्जीन भी ई-फार्म में देखी जा सकती है. कमी है तो इतनी कि अभी राष्ट्रीय सहारा के केवल दिल्ली, पटना, कानपुर, देहरादून व गोरखपुर के प्रतिनिधि संस्करण ही ई-पेपर पर उपलब्ध हैं, उम्मीद है कि जल्द अन्य सभी संस्करण भी पाठक यहाँ पढ़ पायेंगे.

नैनीताल से नवीन जोशी की रिपोर्ट.


AddThis
Comments (1)Add Comment
...
written by Dr Matsyendra Prabhakar, July 05, 2010
Bhai navin jee, yah SAKARATMAK khabar Bhadas4media ko bhejne ki pahal ke liye aap ko badhaie. Kash yah kam prabandhakon ki oar se usi din kiya gaya hota; kyonki Bhadas4media aaj mediakarmiyon ke beech padha-dekha jane vala sab se sashakt SAMACHAR-MADHYAM ho chuka hai. KHABAR men aap ka jo 'SANDESH' aakhir men hai, vah behtar sujhav hai.

Write comment

busy