आइए, पांच करोड़ रुपये का गाना सुनें

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राष्ट्रमंडल खेलों का 'थीम सांग' तैयार हो चुका है. लांच हो चुका है. गुड़गांव के शानदार होटल में रंगारंग कार्यक्रम के बीच इसे उदघाटित किया ए.आर. रहमान ने. इंडिया बुला रहा है यारों... बोल है थीम सांग का. पता चला है कि इस थीम सांग के लिए एआर रहमान ने 15 करोड़ रुपये मांगे थे लेकिन उन्हें दिए गए पांच करोड़ रुपये. पांच करोड़ रुपये का यह थीम सांग आप भी सुनिए. लोगों का कहना है कि कहीं यह भी एक गड़बड़घोटाला तो नहीं! जनता के पैसे को राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर अनाप-शनाप ढंग से खर्च किया जा रहा है, लूटा जा रहा है. कहीं यह भी एक फिजूलखर्ची तो नहीं! चलिए, पांच करोड़ का थीम सांग सुनते हैं...


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Comments (29)Add Comment
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written by चन्दर, September 16, 2010
जनता के धन का भरपूर दुरुपयोग कैसे करें-इस पर भी एक इंस्टीट्यूट खुल जाए तो कैसा रहे!
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written by anujsaurav, September 09, 2010
ye bhi koi gana hai utho,jiyo,aur marne ke liye fir 5 carore kharch karo or gana suno
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written by PRADEEP PATIDAR, September 04, 2010
written by PRADEEP PATUIDAR SEPTEMBER 4, 2010

रहमान का दावा था कि CWG का थीम सॉग सकीरा के वाका-टाका से अच्छा होगा।
जब अच्छा नहीं गा सकते तो बड़े बोल तो नहीं बोलिए। बकवास सॉग है। क्या रहमान को समझ मे आता है ये सॉग। जनाब काश आपने आज इस मौके पर 'जय हो' गाया होता तो वो ज्यादा अच्छा लगता और अधिक कामयाब होता।
................जय हो
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written by PRADEEP PATIDAR, September 04, 2010
EK DAM BAKWAS GANA HAI HAMARI SARKAR FALTU PAISA KHRCH KAR RAHI HAI
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written by Sachin, September 04, 2010
Ekdum Bakwaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaas, lagta hai ki rehman ki nazar bas rupayon par hi tiki thi. na bol achche hain na music or na gana.... commonwealth mein isko na hi bajaye to achcha.......
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written by arvind sharma , September 02, 2010
loot ke laao aur bant ke khao
yesi polcy wale neta hamara desh chala rahe he aisa lagta he is gaane me na sur he aur naa taal is besure gane par 5 crore kharch karna to dur 15 rupye bhi nahin diye jane chahiye iske pahle bhi kai desh bhakti ke geet gane wale huye he magar unhone kabhi desh bhakti batane ki kimat nahin mangi ye to lagta he desh bhakti karne ki kimat di gai he kya desh bhakti ka ye tarika jayaj he
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written by ajit singh yadav, September 02, 2010
निहायत बकवास.....
एक दम बेकार गाना और धुन भी कोई खास नहीं....
बकवास सॉग है।
बकायदा इसके लिए रहमान जी को पांच करोड़ रुपए दिए गए।
रहमान से अच्छा तो सुखबीर और लता दीदी हे कोम्पोसे कर देती
'जय हो' रहमान
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written by MP, August 31, 2010
TOTALLY UNLIKE REHMAN.
AS SUB STANDARD AS ANYTHING ASSOCIATED WITH THE CWG
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written by shashi ranjan, August 30, 2010
सुरों के दिग्गज के हुनर का कचरा... जय हो के धुन पर भारत के आगे दुनिया का सिर झुकाया |अब इस कड़ी में भारत सिर झुकायेगा | चवन्नी छाप गाने पर पांच करोड... वाह रे देशभक्ति १५ करोड कि मांग थी इसी गाने के लिए | १५ फूटी कौडियाँ भी महंगी हैं |
महीने पहले एनडीटीवी पर अभिज्ञान प्रकाश के कार्यक्रम में मणि शंकर अय्यर ने इस कि खुलेआम चर्चा कि थी | उसी कार्यक्रम में CWG के एक अधिकारी भी थे, लेकिन उनकी बोलती बंद थी | पैसे का दुरूपयोग कैसे किया जाए इसका अच्छा उदहारण हैं ये घटनाक्रम |

वैसे हम कूप मंडूक हैं हमारे बोलने से क्या होता है | "होइहें वही जो कुचक्र रची राखा"... बस रोम जल रहा है, और हम नीरो कि तरह बांसुरी टेर रहे हैं |
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written by Praveen Bhardwaj, August 30, 2010
Samanjh me hi nahi aa raha h.samanjh aa raha h to kewal ghotala
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written by vijay ahuja, August 30, 2010
लुटाओ और लुटाओ जनता का पैसा , .इसमें ना तो लूटने वाले और ना लुटाने वालो की गलती है /जब हम लूट्ने के बाद भी चुप है तो दूसरे को कियो दोष दे रहे है/राम नाम की लूट है ,लूट सके तो लूट
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written by Rizwan Chanchal Lucknow, August 30, 2010
'kkld vkSj iz'kkld es tc VkbZ vi gks rks lc dqN lEHko gS budk dke gh gS turk dk [kwu pwluk vkSj dkxth [kkukiwjh dj lc dqN gM+i dj tkuk ikap djksM+ gh bl QwgM+ vkSj fujFkZd xhr ij [kpZ gqvk fQj Hkh xuher gS iUnzg djksM+ Hkh dj nsrs rks Hkh dqN QkdZ iM+us okyk ugh Fkk Hkkjrh; tuthou rks bldk vknh gks pqdk gS A
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written by Deepak Vashist, August 30, 2010
इस गाने से अच्छा तो सुखबीर का "दिल्ली में धमाल" था जिसे उन्होंने मेलबर्न में क्लोसिंग सरेमोनी मैं गया था| रहमान से अच्छा तो सुखबीर और लता दीदी हे कोम्पोसे कर देती | रहमान सिर्फ फिरंगी लोगों के लिए ही अच्छा लिख सकते हैं| 5 करोड़ तो 5 पैसे का भी गाना नहीं है ये| सॉरी रहमान साहब पर हमें ये गाना समझ नहीं आया|
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written by shamil singh, August 30, 2010
abhi bhi waqt hai kisi aur se doosra theme song taiyyar karane ka..aisa hota hai theme song?kisi piti film ka ansuna rah gaya gana lagta hai..kahan waka waka aur kahan yeh..jashna ka aaj din hai..gaane ki yeh ek line hai..bhai 5 crore mile toh jashn toh hoga hi..
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written by vishnu, August 29, 2010
लूट मची है हर कुचे में...लूट-लाटकर भाग ले भैया।
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written by Bhanu Dixit, August 29, 2010
रहमान का दावा था कि CWG का थीम सॉग सकीरा के वाका-टाका से अच्छा होगा।
जब अच्छा नहीं गा सकते तो बड़े बोल तो नहीं बोलिए। बकवास सॉग है। क्या रहमान को समझ मे आता है ये सॉग। जनाब काश आपने आज इस मौके पर 'जय हो' गाया होता तो वो ज्यादा अच्छा लगता और अधिक कामयाब होता।
................जय हो
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written by अजीत कुमार, मंगलम हॉस्पिटल, दिल्ली, August 29, 2010
तीन अक्टूबर से शुरू होने वाले राष्टमंडल खेलों के लिए रहमान द्वारा रचित थीम सांग कुछ खास नहीं है। मजा नहीं आया। केवल मुझे मजा नहीं आया ऐसी भी बात नहीं है...बहुतों खेल प्रेमी ऐसे हैं जिन्हें ये थीम सांग को बिल्कुल हीं पसंद नहीं। आम आदमी को छोड़िए खेल आयोजन समिति की कार्यकारी समिति के सदस्य विजय कुमार मल्होत्ना को भी यह बिल्कुल भी पसंद नहीं है. 'ओ यारों इंडिया बुला लिया' और 'जियो उठो बढ़ों जीतो' बोल वाले इस थीम सांग को कैसे स्वीकार कर लिया गया मेरी समझ से बाहर है। इस थीम सांग का भाव मुझे समझ में ही नहीं आ रहा...केवल मुझे समझ में नहीं आती तो चलो कोई बात नहीं लेकिन यहां तो ना समझने वालों की लंबी फेहरिस्त है। रहमान ऑस्कर विजेता हैं और उनसे ये उम्मीद थी कि कुछ बढ़िया, प्रेरणादायक और उत्साहबर्द्धक सांग लाएंगे लेकिन साहब आपने तो उम्मीदों पर बिल्कुल पानी ही फेर दिया।
बकायदा इसके लिए रहमान जी को पांच करोड़ रुपए दिए गए। ये तो रहमान जी की दरियादिली समझिए कि देश के लिए उन्होंने दस करोड़ रुपेए के डिस्काउंट दे दिए ये कम बात थोड़े ही है.. इतने ऊंचे कद वाले साहब ने डिस्काउंट तो दिया लेकिन थीम के साथ कहीं ना कहीं समझौता भी तो कर लिया ये भी तो देखिए। जितनी उम्मीद थी उस पर पर उनका ओ यारों इंडिया बुला लिया कहीं खरा नहीं उतरता है।

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written by राजीव, August 29, 2010
एक दम बेकार गाना और धुन भी कोई खास नहीं....
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written by madhaw singh, August 29, 2010
mujhe samajh main nahi ata ki likhana nahi to likhate kyo hai ,itna bakbas thim song hai to ayojan kaisa hoga socha ja sakta hai
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written by vijay, August 29, 2010
Song is good. I liked it
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written by chabdrabhushan, August 29, 2010
vo din dur nahi jab desh ko janta ke bhari adalat me aise neta bech dalenege .
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written by ABC, August 29, 2010
Isse achchha hota ki peepli live ka mahngai wala gana ko hi title song bana deta
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written by Navin, August 29, 2010
निहायत बकवास.....
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written by amitesh srivastva 09455083092, August 29, 2010
Kalmadi aur AR Rehman is song k mafdyam se kya sandesh bharat k logo ko dena chaahatee hain . Bharat Bahut Durbhagayasalee hain media k itne prjor ghotaloo ka pardafaash karne k baad bhee central govt koi kasssh kadam nahee uthaa rahee hain ...Hamaam main sab nagee hain


Amitesh ....
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written by ranjit, August 29, 2010
mere gawan kee kahabat hai- Unkar (dusre ka) dal-bhat unkar Ghee, hamra parsai (parosne ) me lagai ye kee !
is desh me janta ke paise ka yahee isht hai - Luto aur lutao...
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written by chanakya verma, August 29, 2010
sirf public ka paisa loota ja raha hai..
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written by chanakya verma, August 29, 2010
theme song nahi..ye boring song hai..commenwealth games ke naam par public ka paisa loota ja raha hai..
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written by vijay vardhan, August 29, 2010
पांच तो क्या इस गाने को मुफ्त में मैं नही सुनना चाहुंगा।
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written by deepak srivastav, gorakhpur, August 29, 2010
बकवास है........

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