नए डोमेन के साथ विकीलीक्‍स फिर शुरू

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: स्‍वीस डोमेन होस्टिंग कंपनी ने दिया सहयोग : अमेरिका ने विकीलीक्स द्वारा लगातार किए जा रहे खुलासों को रोकने के लिए जो नई तरकीब निकाली थी, वो सफल नहीं हो सकी. अमेरिका से संबंधित तमाम जानकारियां देने वाली विकीलीक्स की वेबसाइट लगभग छह घंटे तक बंद रहने के बाद फिर शुरु हो गई है. इसे एक स्‍वीस डोमेन होस्टिंग कंपनी ने सहयोग दिया है. सरकारी दबाव में कैलिफोर्निया के इंटरनेट होस्टिंग फर्म एवरीडीएनएस ने विकीलीक्स को ढांचे के खतरे का हवाला देते हुए अपने सर्वर से हटा दिया था. जिससे यह साइट बंद हो गई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद ही स्विट्जरलैंड की डोमेन होस्टिंग फर्म के सहयोग से फिर ऑन लाइन हो गई.

अभी तक विकीलीक्स की साइट विकीलीक्सडॉटओआरजी थी, लेकिन अब यह विकीलीक्सडॉटसीएच है.  हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी साइट खुलने में दिक्कतें आ रही हैं. डोमेन नेम किसी भी वेबसाइट का नाम और पहचान होता है, जिसे डोमेन नेम सिस्टम डीएनएस के नियम के जरिये प्रत्येक वेबसाइट को आवंटित किया जाता है.

इससे पहले विकीलीक्स की सेवाएँ ख़त्म करने वाली कंपनी एवरीडीएनएस डॉट नेट ने कह था कि इस वेबसाइट को इसलिए बंद करना पड़ा क्योंकि इस पर लगातार साइबर हमले हो रहे थे, हैकिंग की कोशिश की जा रही थी. कंपनी का कहना था कि इन हमलों की वजह से उनके पूरे इंफ़्रास्ट्रक्चर को ख़तरा पैदा हो गया था. इसकी वजह से हमारी कंपनी ने उन 5,00,000 साइट्स को बचाने के लिए विकीलीक्स को हटा दिया जिनका वेबसाइट डोमेन हमारे पास है. हालांकि माना जा रहा है कि कंपनी ने सरकारी दबाव में विकीलीक्‍स को अपने डोमेन से हटाया है.

इसके बाद विकीलीक्स ने किताबों का ऑनलाइन व्यावसाय करने वाली कंपनी अमेज़न से समझौता किया था कि वे विकीलीक्स को चलाने दें लेकिन बाद में अमेज़न ने भी इस क़रार से अपने हाथ खींच लिए. पिछले एक सप्ताह में यह साइट तीसरी बार ऑफ लाइन हुई, लेकिन छह घंटे से ज्‍यादा ऑफ एयर नहीं रह सकी. विकीलीक्स का कहना है कि जिस दिन से उन्होंने अमरीका के कूटनीतिक मामलों के दस्तावेज़ प्रकाशित करना शुरु किया, उसी दिन से ही उनकी गतिविधियों को बाधित करने की कोशिशें शुरू कर दी गई थी. कई प्रकार से दबाव डालने का प्रयास हुआ.

उल्लेखनीय है कि विकीलीक्‍स पर इन दस्तावेज़ों के सामने आने से विश्‍व के कई देशों के बारे में अमरीकी राजनयिकों की राय ज़ाहिर हो गई है. इसके बाद दुनिया भर में अमरीका की अच्‍छी खासी फजीहत हुई है. विकीलीक्स कुछ महीने पहले तब चर्चा में आई जब उसने अफ़ग़ान वॉर डायरी के नाम से 90 हज़ार अमरीकी सैन्य दस्तावेज़ सार्वजनिक किए. इनमें अमरीका के सैन्य अभियानों और अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान में गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई थी. वेबसाइट का दावा था कि उसके पास लाखों गुप्त दस्तावेज़ हैं और पिछले कुछ दिनों से विकीलीक्स में नए दस्तावेज़ प्रकाशित किए जा रहे हैं. ये दस्तावेज़ मुख्यरुप से वे संदेश हैं जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों में स्थित अमरीकी दूतावासों से वॉशिंगटन को भेजे गए हैं.

इस बीच विकीलीक्‍स के संपादक जूलियन असांजे ने खुद अपनी हत्या की आशंका भी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि यह हत्या की धमकियों के मद्देनजर सतर्कता बरत रहे हैं. असांजे के खिलाफ स्वीडन की अदालत ने दूसरा गिरफ्तारी वारंट जारी किया जो कानूनी रूप से पुख्ता है तथा इस पर स्काटलैंड यार्ड को अमल करना होगा.  अधिकारियों का कहना है कि असांजे की गिरफ्तारी किसी भी वक्त हो सकती है.


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Comments (2)Add Comment
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written by एडिटर, भड़ास4मीडिया, December 04, 2010
पुराना पता ये था- www.wikileaks.org नया पता ये है- www.wikileaks.ch
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written by ABC, December 04, 2010
Bhai], naye domain ka address to do

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