‘मौला मेरे मौला’ के बाद चतुर्वेदी का नया फिल्मी गीत, ‘शब को रोज जगा देता है’

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निर्माता-निर्देशक सुधीर मिश्रा की ताजा फिल्म, ‘तेरा क्या होगा जानी’ में अजमेर के पत्रकार, कवि एवं साहित्यकार सुरेंद्र चतुर्वेदी के गीत, ‘शब को रोज जगा देता है, कैसी ख्वाब सजा देता है। जब मैं रूह में ढलना चाहूं, क्यों तू जिस्म बना देता है।’ को शामिल किए जाने से पत्रकार और साहित्यकार बिरादरी में उत्साह का माहौल है। चतुर्वेदी इससे पहले ‘अनवर’ फिल्म के अपने गाने, ‘मौला मेरे मौला मेरे,आंखें तेरी कितनी हसीं’ के लिए नाम कमा चुके हैं। ‘तेरा क्या होगी जानी’ में उनका गीत सोहा अली खान पर फिल्माया गया है। फिल्म 17 दिसंबर को ही रिलीज हुई है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत संजय चौहान की फिल्म ‘लाहौर’ में भी उनका एक गीत,‘उनकी फितरत पे ध्यान क्या देते हैं’ शामिल किया गया था।

पटकथा लेखन में भी उन्होंने सहयोग किया था। मनोज बाजपेयी और तब्बू अभिनीत ‘घात’ फिल्म चतुर्वेदी की कहानी पर बनी थी। प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक श्याम बेनेगल की आगामी फिल्म, ‘कहीं नहीं’ और मुजफफर अली की, ‘नूरजहां’ में भी उनके गीत सुनने को मिलेंगे। टी सीरिज हिन्दी-उर्दू मिश्रित गीतों पर उनका एक एलबम, ‘तन्हा’ जारी कर चुकी है। चतुर्वेदी के अब तक सात गजल संग्रह, एक उपन्यास, ‘अंधा अभिमन्यु’, करीब पंद्रह कहानियां प्रकाशित हो चुकी हैं। ‘मानव व्यवहार और पुलिस’ नामक एक मनोविज्ञान पुस्तक भी छप चुकी है जो आईपीएस को प्रशिक्षण के दौरान पढ़ाई जाती है। छात्र जीवन से ही लेखन में जुट गए चतुर्वेदी दैनिक न्याय, दैनिक नवज्योति, दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स, आकाशवाणी, दूरदर्शन और स्थानीय न्यूज चैनल स्वामी न्यूज से जुडे़ रहे हैं तथा वर्तमान में न्यूज चैनल ‘सरे राह’ के साथ हैं। वे कई राष्ट्रीय मुशायरों, कवि सम्मेलनों में हिस्सा ले चुके हैं।

राजेंद्र हाड़ा की रिपोर्ट


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