भ्रष्‍टाचार से लड़ने के लिए करप्‍शन वाच शुरू

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भारत से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए जनांदोलन की जरूरत है। आजादी के बाद से ही भारत में भ्रष्टाचार निरंतर बढ़ाता जा रहा है। साथ ये ही आम धारणा बनती जा रही है कि अब इस देश से भ्रष्टाचार को समाप्त नहीं किया जा सकता। शायद इसलिए बड़े-बड़े घोटालों के बाद भी जनता मूक दर्शक बनी हुई है। जब तक जनता नहीं जागेगी तब तक इस देश से भ्रष्टाचार की दीमक को खत्म नहीं किया जा सकता।

हांगकांग में 1970 के दशक तक भारत से भी ज्यादा भ्रष्टाचार था। पुलिस और माफिया के बीच सांठगांठ से भ्रष्टाचार बढ़ गया था। इसके खिलाफ लाखों लोग सड़क पर उतर आए और सरकार को एक कानून पास करके ‘‘भ्रष्टाचार के खिलाफ स्वतंत्र आयोग’’ बनाना पड़ा। इस आयोग को नेताओं और अफसरों के खिलाफ जांच करने और मुकदमा चलाने का अधिकार दिया गया। एक ही झटके में इस आयोग ने 180 में से 119 पुलिस अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया। इससे पूरी नौकरशाही में संदेश गया कि अब भ्रष्टाचार नहीं चलने वाला। नतीजा ये हुआ कि आज हॉगकॉग लगभग एक भ्रष्टाचार मुक्त देश है और सारी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुका है।

हमारे देश में भी ऐसे ही आंदोलन की जरूरत है। कुछ समय पहले तक हमारा मीडिया बेहद जागरूक था, लेकिन पिछले कुछेक सालों से वे भी अपने रास्ते से भटक गया हैं। अब उसके लिए बेहद बड़े सनसनीखेज घोटाले, सनसनीखेज खबरे, ग्लैमर और अंधविश्वास से भरी खबरों के जंजाल में फंस चुका है। इसलिए मौजूदा चौथे स्तम्भ को हर रोज होने वाली भ्रष्टाचार से खास लेना देना नहीं है।

इसी के मद्देनज़र हमने करप्‍शन वॉच नामक वेबसाईट को शुरू किया। जिसका मकसद देशभर में होने वाली भ्रष्टाचार से जुड़ी हर खबर पर नज़र रखना, भ्रष्टाचार से जुड़ी हर जानकारी आपतक पहुंचाना और गांव, कस्बों और छोटे-छोटे शहरों तक में होने वाले घपलों, घोटालों का खुलासा कर आप तक पहुंचाना हमारा मकसद है। जिससे जनता को इस बात के लिए जागरूक किया जा सके कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक साथ आवाज उठाए और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकार का मजबूर कर सके।

हमारा ये मिशन तब ही पूरा हो सकता है जब इस देश का हरेक नागरिक हमारे साथ जुड़े और भ्रष्टाचार से जुड़ी हर खबर, जानकारी, पुख्ता सबूत हम तक पहुंचा सके। हम कुछ युवाओं ने मिलकर छोटी-सी पहल की है और भ्रष्टाचार की खबरों और जानकारियों पर आधारित देश की पहली हिन्दी वेबसाईट शुरू की है।

इस वेबसाइट के संस्‍थापक एवं चीफ एडिटर फ्रेंकलिन निगम हैं. पेशे से पत्रकार श्री निगम ने 1998 से ही पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. 1999 में दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय से हिंदी आनर्स किया. 2000 में कौन बनेगा करोड़पति से अपने करियर की शुरुआत की. कई प्रोडक्‍शन कंपनियों एवं टीवी चैनलों के साथ काम किया. लोकसभा टीवी से भी जुड़े रहे. कविताएं एवं कहानियां भी लिखी हैं. इनके लेख तमाम पत्र एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं. इनसे संपर्क This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it के जरिए किया जा सकता है. प्रेस विज्ञप्‍ति


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Comments (8)Add Comment
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written by Teddy, February 06, 2011
All The Best
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written by Teddy, February 06, 2011
All The Best Franklin Ji
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written by Ram Mishra , January 31, 2011


Bad hai ho sir, chalo kisi tarah se to india sudhare, Bahut achha pryas hai. 8058839139
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written by Ram Mishra , January 31, 2011
बहुत-बहुत बधाइयाँ आपके इस सराहनीय प्रयास के लिए।
mein apse jud kar kuch naya karne ki kosis karunga.sirf 1 moka de sir 08058839139 Ram Mishra
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written by anurag dixit, January 31, 2011
franklin ko dheron shubh kamnayein...is shuruaat ke liye
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written by धीरज कुमार साहू, January 29, 2011
बहुत-बहुत बधाइयाँ आपके इस सराहनीय प्रयास के लिए।
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written by Jai Prakash Sharma, January 29, 2011
Badhai ho sir, chalo kisi tarah se to india sudhare, Bahut achha pryas hai.
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written by Zeenat, January 29, 2011
All the best Mr. Franklin

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