संघ के विरोध पर भागवत का नाम इंडिया टुडे वालों ने अपनी वेबसाइट से हटाया

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नई दिल्ली : इंडिया टुडे समूह ने अपने कॉनक्लेव में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को बुलाने की सूचना अपनी वेबसाइट से हटा ली है। संघ को ऐतराज था कि उनकी अनुमति के बगैर उनके नाम को क्यों जोड़ा गया। संघ ने मीडिया समूह से वेबसाइट से तत्काल नाम हटाने को कहा था। इंडिया टुडे समूह के 18 मार्च से हो रहे मीडिया कॉनक्लेव चैलेंज द पावरका 18 मार्च को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उद्घाटन करना था और 19 मार्च को संघ प्रमुख मोहन भागवत को कश्मीर मुद्दे पर र्चचा के लिए बुलाया गया था।

इसमें उनके साथ हुर्रियत के चेयरमैन मीरवाइज फारूक को भी भाग लेना था, लेकिन संघ प्रमुख ने यह कहकर मना कर दिया कि उनसे इस कार्यक्रम की कोई अनुमति नहीं ली गई। संघ ने जैसे ही वेबसाइट पर मोहन भागवत का नाम देखा तो संघ के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने मीडिया समूह के प्रमुख अरुण पुरी को मेलकर इसका विरोध जताया। बाद में मीडिया समूह की तरफ से एमजे अकबर ने वैद्य से संपर्क कर बताया कि भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण विजय ने संघ प्रमुख के आने की अनुमति यह कहकर दी थी कि मेरी उनसे बात हो गई है। यह बात भी कई बार हुई, इसलिए मीडिया समूह पूरी तरह संतुष्ट था कि संघ प्रमुख के कहने के बाद ही तरुण विजय ने हरी झंडी दी होगी।

संघ ने साफ किया कि कोई भाजपा सांसद कैसे संघ प्रमुख को बुलाने का ठेका ले सकता है। बाद में संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए मीडिया समूह को बता दिया कि उस कार्यक्रम में संघ प्रमुख नहीं जाएंगे और उनके नाम को लेकर जो विवरण वेबसाइट पर डाला है उसे तत्काल हटाया जाए। मंगलवार को मीडिया समूह ने संघ प्रमुख का नाम वेबसाइट से हटा दिया।

राष्ट्रीय सहारा में प्रकाशित राकेश आर्य की रिपोर्ट


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